हे भगवान् ! एक टूटा हुआ तारा ही दिखा दो ….. सच्चा प्यार मांगना है ….

आज सोचा जिंन्दा हुँ, तो घूम लूँ, मरने के बाद तो भटकना ही है…

काश वो भी आकर हम से कह दे मैं भी तन्हाँ हूँ, तेरे बिन, तेरी तरह, तेरी कसम, तेरे लिए !

है कोई वकील इस जहान में, जो हारा हुआ इश्क जीता दे मुझको.

वो बड़े ताज्जुब से पूछ बैठा मेरे गम की वजह.. फिर हल्का सा मुस्कराया, और कहा, मोहब्बत की थी ना.??

उन लम्हों की यादें ज़रा संभाल के रखना.. जो हमने साथ बिताये थे.. क्यों की.. हम याद तो आयेंगे मगर लौट कर नहीं !

बेवफ़ाओं की महफ़िल लगेगी, आज ज़रा वक़्त पर आना 'मेहमान-ए-ख़ास' हो तुम…!!

मुझे गरुर था उसकी मोह्ब्बत पर, वो अपनी शोहरत मे हमे भूल गया !

तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी.. और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ ..!!